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कटघोरा: DMF फंड पर ‘खेल’!हाई स्कूल मैदान बना भ्रष्टाचार का ‘मॉडल’, खिलाड़ियों ने खोली पोल —घटिया काम, अधूरा निर्माण और भुगतान की तैयारी

अधूरे काम को पूरा दिखाकर भुगतान की आशंका

कोरबा: कटघोरा में विकास के नाम पर सरकारी फंड के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका परिषद कटघोरा के हाई स्कूल मैदान के सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से शुरू किया गया काम अब भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों में घिर गया है। स्थानीय खिलाड़ियों ने लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि मैदान को सुधारने के नाम पर केवल कागजों में काम दिखाया जा रहा है, जबकि जमीन पर स्थिति बेहद खराब है।

लिखित शिकायत के साथ खिलाड़ियों ने खोली पोल

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कटघोरा के खिलाड़ियों ने जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत की है। आवेदन में बताया गया है कि नगर पालिका परिषद कटघोरा को निर्माण एजेंसी बनाकर हाई स्कूल मैदान में बाउंड्रीवाल, क्रिकेट पिच, घास और लाइट लगाने का काम शुरू किया गया था। यह काम जनवरी 2025 में शुरू हुआ था और इसकी तय समय सीमा भी पूरी हो चुकी है, लेकिन आज तक मैदान का काम अधूरा पड़ा है और जो काम हुआ है वह भी बेहद घटिया स्तर का बताया जा रहा है।

बाउंड्रीवाल से लेकर लाइट तक, हर काम पर सवाल

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शिकायत में खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है कि मैदान की बाउंड्रीवाल का निर्माण अनुमानक मात्रा और गुणवत्ता के अनुसार नहीं किया गया है। निर्माण इतना कमजोर बताया जा रहा है कि पहली नजर में ही गुणवत्ता पर सवाल उठने लगते हैं। मैदान में तीन पोल पर लाइट लगाई गई थीं, लेकिन उनमें से एक पोल की लाइट अभी से बंद हो चुकी है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि लाइटिंग व्यवस्था भी निम्न स्तर की सामग्री से की गई है।

घास सूखी, बोरिंग फेल, मैदान बदहाल

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मैदान को हरा-भरा बनाने के लिए घास लगाई गई थी, लेकिन पानी की व्यवस्था सही नहीं होने के कारण वह पूरी तरह सूख चुकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि सिंचाई के लिए जो बोर खनन कराया गया था, वह भी शुरू होने से पहले ही खराब हो गया। ऐसे में घास को बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है और मैदान की हालत लगातार खराब होती जा रही है।

योजना में शामिल क्रिकेट पिच भी गायब

खिलाड़ियों ने शिकायत में यह भी बताया है कि योजना के तहत क्रिकेट पिच का निर्माण किया जाना था, लेकिन आज तक उसका काम शुरू तक नहीं हुआ है। मैदान की मौजूदा स्थिति ऐसी है कि वहां अभ्यास करना भी मुश्किल हो गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों का प्रशिक्षण पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

अधूरा काम, फिर भी भुगतान की तैयारी का आरोप

खिलाड़ियों ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ठेकेदार और नगर पालिका के इंजीनियर की मिलीभगत से इस अधूरे और घटिया काम को कागजों में पूरा दिखाकर फर्जी बिल के जरिए राशि आहरण करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि कई बार निवेदन करने के बावजूद न तो ठेकेदार और न ही जिम्मेदार इंजीनियर ने इस ओर कोई ध्यान दिया, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर संदेह और गहरा गया है।

खिलाड़ियों ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग

कटघोरा के खिलाड़ियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही जिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आए, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और मैदान के अधूरे तथा गुणवत्ताहीन काम को जल्द से जल्द दुरुस्त कराकर खिलाड़ियों के लिए खेल के योग्य बनाया जाए।

अब देखना यह होगा कि खिलाड़ियों की इस लिखित शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, क्योंकि मामला केवल एक मैदान का नहीं बल्कि सरकारी फंड के इस्तेमाल की पारदर्शिता और जवाबदेही का भी है।

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